मुंबई ब्लास्ट में पुछताछ के लिये गिरफ़्तार की मौत



मुंबई ब्लास्ट में पुछताछ के लिये गिरफ़्तार की मौत
हवा में तीर चला रही है पुलिस
मुम्बई बम ब्लास्ट के सिलसिले में पुछताछ के लिये हिरासत में लिये गये फ़ैज उस्मानी की मौत हो गई। फैज उस्मानी के मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनकी मृत्यु ब्रेन हेमरेज से कल देर रात हुई और उनके शरीर पर किसी भी प्रकार के घाव या जख्म के निशान नहीं पाये गये। फैज के परिवारों वालों का आरोप है पुलिसिया अत्याचार के कारण उनकी मृत्यु हुई, लेकिन पुलिस ने यह आरोप ठुकराते हुए कहा है कि फैज उस्मानी से सिर्फ पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि फैज उस्मानी २००८ में गुजरात में हुए बम विस्फोटों के मुख्य संदिग्ध अफजल उस्मानी के भाई है। अफजल उस्मानी पर इंडियन मुजाहिददीन से जुड़े होने का भी शक है। कल शाम हुए संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र के एटीएस प्रमुख राकेश मारिया ने बताया है कि बुधवार को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से जुड़ी जांच नई दिशा में चल रही है। अभी तक भारत की पुलिस ने बाबा आदम के जमाने से चले आ रहे पुछ्ताछ के तरीके में कोई परिवर्तन नही किया है , वस्तुत: नकारों की फ़ौज है यहां की पुलिस और जांच अधिकारी और उसका कारण है भ्रष्टाचार । पुलिस्वाले कभी भी न तो अध्ययन में ध्यान देते हैं और न हीं ट्रेनिंग में , उनका अधिकांश सामय दो नंबर का पैसा कैसे आये यही तरकीब लगाने में गुजरता है ।
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