बिहार के राज्यपाल भ्रष्ट हैं
बिहार के राज्यपाल भ्रष्ट हैं महामहिमों को जेल हो राज्यपालों के भ्रष्ट आचरण तथा पक्षपातपूर्ण हरकतों को देखते हुये इनके खिलाफ़ कडे कदम उठाने तथा इनकी हरकतों की न्यायिक जांच या निष्पक्ष एजेंसी से जांच की आवश्यकता महसुस की जाने लगी है । अभी कर्नाटक के महामहिम ने वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफ़ारिश करके राजनीतिक भुचाल पैदा कर दिया । देश की सर्वोच्चय न्यायपालिका बहुत पहले यह फ़ैसला दे चुकी है कि शक्ति परीक्षण हमेशा हाउस में होना चाहिये न कि राज्यपाल या राष्ट्र्पति भवन में लेकिन राजनीति के हाशिये पर सिमटे , राज्यपाल अपने अहंम की टुष्टी के लिये इस तरह की उलूल –जलूल हरकत करते रहते हैं। राज्यपालों के द्वारा इस तरह की हरकत का कारण है उनके लिये सजा का कोई प्रावधान का न होना । । न्यायालय ज्यादा से ज्यादा इनकी इस तरह की हरकतों को रद्द कर सकती है लेकिन मोटी चमडी वाले राजनेता से बने राज्यपालों को तो जूते- चप्पल तक खाने में भी अपमान नही महसुस होगा और अब उसकी जरुरत भी है । देश के संविधान के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति की एक अहम योग्यता है उस राज्य का नागरिक न होना , इस प्रावधान का कारण है पद की गरि...