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सीआई ए और फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन का हाथ है अन्ना के आंदोलन में

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अन्ना के आंदोलन के दो मुख्य सूत्रधार और संचालक हैं । एक मनीष सिसोदिया और दुसरा अरविंद केजरीवाल । मनीष सिसोदिया की एक संस्था है कबीर जिसे फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन ने अन्ना के आंदोलन के लिये दो लाख डालर का अनुदान दिया है । फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन अमेरिका की कुख्यात संस्था सीआईए के लक्ष्यों की पूर्ति के लिये काम करता है । यहां हम एक लेख दे रहे हैं जो रिसर्च पर आधारित है जिसमे यह स्पष्ट रुप से बताया गया है कि सीआईए- अमेरिका और फ़ोर्ड फ़ाउडेशन के बीच क्या संबंध हैं । लेख अंग्रेजी में है तथा एक रिसर्च का हिस्सा है । हम प्रासांगिक संदर्भ यहां दे रहे हैं। बात में संपूर्ण पुस्तक का अनुवाद भी प्रकाशित करेंगें। इस रिसर्च के लेखक जेम्स पेट्रास हैं जो ब्रिंघटन विश्वविद्यालय , न्यूयार्क में सामाजशास्त्र के प्रोफ़ेसर रह चुके हैं तथा अमेरिका की सा म्राज्यवादी व्यवस्था के विरोधी हैं । The Ford Foundation and the CIA: A documented case of philanthropic collaboration with the Secret Police by James Petras Introduction The CIA uses philanthropic foundations as the most effective conduit to chan...

पूंजीवाद का समर्थक और समाजवाद का विरोधी है अन्ना का आंदोलन

पूंजीवाद का समर्थक और समाजवाद का विरोधी है अन्ना का आंदोलन मनीष सिसोदिया –अरविंद केजरीवाल और सरकार , दोनो का लोकपाल बिल कोई बदलाव नही लायेगा जनलोकपाल बिल जिसे अब अन्ना हज़ारे का लोकपल बिल कहा जा रहा है वस्तुत: मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल नामक दो आदमियों के दिमाग की उपज है । अन्ना सिर्फ़ उस बिल के समर्थन में खडे एक ब्रांड एमबेस्टर की तरह है जैसे जे पी सिमेंट के प्रचारक अमिताभ बच्चन । देश की सबसे बडी समस्या भ्रष्टाचार नही है । समस्या है अमीर और गरीब के बीच की खाई। इस खाई का कोई संबंध भ्रष्टाचार से नही है । भ्रष्टाचार की समाप्ति के बाद भी यह समस्या ज्यों की त्यों रहेगी। यह समस्या देन है पुंजीवादी व्यवस्था की। पुंजीवादी व्यवस्था जहां भी रहेगी भ्रष्टाचार हीं पैदा करेगी । पुंजीवादी व्यवस्था का अर्थ है , पैसे से पैसे कमाना और इसके लिये होड लगेगी , कौन कितनी जल्दी , कम पैसा लगाकर ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाता है , वहीं से शुरुआत होगी भ्रष्टाचार की । ज्यादा पैसा कमाने के लिये सरकारी नीतियों का फ़ायदा उठाया जायेगा । नीतियों में शिथिलता लाने या अपने मनोकुल बनाने का प्रयास होगा , अभी ट...