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हुसैन न महंगें थें न महान

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माफ़ी मांगे बिना भाग गये हुसैन हुसैन सबसे महंगे पेंटर नहीं थें भारत के मीडिया की अजब आदत है । जब किसी को आसमान पर चढाती है तो ऐसा कि गिरने के बाद ठौर भी न मिले। हुसैन मरे क्या भारत के सबसे महान पेंटर भी बन गये और भारत के पिकासो भी । देश से माफ़ी मांगे बिना चले गयें हुसैन । हुसैन ने भारत की मर्यादा और संस्कर्ति को क्षार-क्षार किया था । उन्हें मरने के पहले माफ़ी मांगनी चाहिये थी। वैसे हुसैन की पेंटिंग के खरीदारों की लिस्ट में एक भी नाम नही है जिसे मार्डन आर्ट के पारखी के रुप में जाना जाता हो। वस्तुत: हुसैन वैसे लोगों की पसंद थें जिन्हे यह दिखाने का शौक था कि उनके पास हुसैन की पेंटिंग है यानी नव – धनाढय । हुसैन की सबसे महंगी पेंटिंग 1. 6 मिलियन यानी तकरीबन साढे छह करोड रुपये में बेची गई उसका नाम था महाभारत । वही सैयद हैदर रजा की पेंटिंग सौराष्ट्रा की कीमत थी १६ करोड रुपये। हुसैन की महाभारत २००८ में बेची गई और रज़ा की २०१० में।हुसैन से ज्यादा दाम पर बिक ने वाली भरतीय पेंटरों की और भी पेंटिंग हैं। तैयब मेहता की पेंटिंग बुल्स बारह करोड तैंतालीस लाख छयासठ करोड में ्वर्ष २०११ ...

कामलोलुप महान पेंटर एम एफ़ हुसैन नही रहें

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भारत माता  कामलोलुप महान पेंटर एम एफ़ हुसैन नही रहें संप्रदायिक थें हुसैन एम एफ़ हुसैन की ९५ साल की उम्र में मौत हो गई। भारत में पैदा हुये , सिनेमा के पोस्टर बनाने वाले एम एफ़ ने पुरी दुनिया में अपनी पेंटिंग की बदौलत कम और उससे जुडे विवाद के कारण ज्यादा नाम कमाया था। भारत की सरकार ने भी ढेर सारे इनाम देकर उनको महान बनाने में अहम भुमिका निभाई थी । महाराष्ट्र के पंढारपुर जिले में १७ सितंबर १९१५ को जन्में मकबुल फ़िदा हुसैन की पेंटिंग का पसंदीदा विषय सेक्स रहा है । एम एफ़ हुसैन को हिंदु धर्म की देवियों में सबसे ज्यादा सेक्स दिखा और यही कारण रहा की उन्होने तकरीबन सभी देवी- देवताओं को अपनी पेंटिंग में नग्न दिखाया । एम एफ़ हुसैन मानसिक स्तर पर संप्रदायिक थें। उन्होने मुस्लिम विद्वानों और अपने परिवार की भी पेंटिंग बनाई लेकिन उन्हें पुरी तरह वस्त्रों से ढंका दिखाया । ऐसा भी नही कहा जा सकता की हुसैन प्रगतिशील विचारधारा के थें , अगर ऐसा होता तो वे अपनी पेंटिंग में बुर्का का महिमामंडन करते नही दिखतें। भारत में सेक्युलर होने का अर्थ बाकी दुनिया से अलग है। यहां साम्यवाद को मानन...