कौन है बृंदा करात, राधिका राय और अरुंधती राय
कौन है बृंदा करात , राधिका राय और अरुंधती राय सीपीएम का प्रणव मुखर्जी के समर्थन का सच मीडिया , सोशलाईट , व्यवसायिक घरानो एवं राजनीतिक दलों के रिश्ते का मकडाजाल ! प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति के लिए सीपीएम ने समर्थन दिया है । यह आश्चर्य था सभी साम्यवादियो के लिए लेकिन बिहार मीडिया के लिए नही । भारत मे सता की चाभी चार – पाच व्यवसायिक घरानो के हाथ मे है । सरकार चाहे किसी दल की या किसी भी राज्य की हो , सता मे वही रह सकता है जिसे ये घराने चाहे। प्रणव दा की पूंजीवादी नीति की आलोचना की करने वाले सीपीएम ने उन्हे राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दिया है । प्रणव मुखर्जी के उपर धीरु भाई अंबानी की मदद के लिए देश के कर कानूनो को बदलने का आरोप हमेशा लगता रहा है । यह आरोप १९८० के दशक से लग रहा है । बांम्बे डांईंग और विमल सुटिंग्स की लडाई देश के स्थापित औधयोगिक घराना और नव कुबेर बनने की चाह लिए धीरु भाई के बीच हुए शर्मनाक व्यवसायिक युद्ध का गंदा उदाहरण है । न...