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भ्रम फ़ैला रहा है हिन्दुस्तान अखबार

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भ्रम फ़ैला रहा है हिन्दुस्तान अखबार फ़रार अपराधी  " फ़ौजी"   को बता दिया गिरफ़तार के के उपाध्याय फ़स गयें अक्कू के चमचो के काकस में ब्रह्मेश्वर मुखिया के श्राद्ध के दिन हिन्दुस्तान ने कर लिया अपना भी   श्राद्ध वैसे तो हिन्दुस्तान के उपर बिहार की सरकार के प्रचारतंत्र होने का आरोप पहले से लगता रहा है । पटना पुस्तक मेले में तो एक पाठक ने हिन्दुस्तान अखबार के राष्ट्रीय  संपादक को सुझाव देते हुये कहा था कि आप अपने अखबार में यह टैग लगा दें कि “ यह बिहार सरकार का मुख्यपत्र है “ लेकिन   के के उपाध्याय के आने के बाद यह आशा पैदा हुई थी कि शायद अक्कू के दौर के बाद हिन्दुस्तान मे एक नई शुरुआत होगी । ब्रह्मेश्वर मुखिया कि हत्या से लेकर दशकर्म तक की खबर को प्रमुखता से छापते रहनेवाले हिन्दुस्तान अखबर ने श्राद्ध की खबर को अपने अखबार के आठवे पेज में सिमटा दिया । हिन्दुस्तान के हीं कुछ पत्रकारो का कहना है कि ऐसा अक्कु के समय की लाबी के कारण हुआ । हिन्दुस्तान के वर्तमान संपादक के के उपाध्याय आजकल अक्कू श्रीवास्तव के चमचो से घिरे हुये हैं । इन चमचो ने के के उपाध...

सौतन से सांसद तक

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सौतन से सांसद तक एक फ़िल्म आई थी और जबर्दस्त हिट भी हुई थी । वह फ़िल्म उसके तीन किरदारों की वास्तविक जिंदगी पर आधारित थी। फ़िल्म “ सिलसिला “ ।    “ बेला चमेली के सेज सजाये , सोये गोरी का यार बलम तरसे रंग बरसे “ में वास्तविकता से एक हीं अंतर था , रियल लाईफ़ में गोरी का यार तो था लेकिन बालम नही। गोरी के यार थें  पर्दे के  महानायक  अमिताभ बच्चन । उन्हें अपनी फ़िल्मी जिंदगी की शुरुआत में जया भादुरी से शादी का लाभ मिला और फ़िल्मी दुनिया में काम न मिलने की अनिश्चता समाप्त हो गई । सफ़लता के शिखर तक पहुचने और सदी का महानायक बनने में गोरी के प्यार ने मदद की । शिखर तक के सफ़र में साथ देनेवाली रेखा की जरुरत वहां पहुचने के बाद नही रह गई और गोरी दोस्त से दर्शक बन गई । शायद यही कारण रहा कि एक दो लेखको   ने महानायक को खलनायक के रुप में चित्रित किया है । राजनेता या नेत्री भी इंसान होते हैं । रोमांस इंसान की पहचान है । समाजवादी पार्टी ने जया बच्चन को राज्यसभा के लिये निर्वाचित किया । कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में हमेशा एक राजनीतिक रोमं...

अक्कू श्रीवास्तव के जाने के बाद खुलेंगें कई राज

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अक्कू श्रीवास्तव के जाने के बाद खुलेंगें कई राज एक लंबी पारी खेलने के बाद हिंदुस्तान के   अक्कू श्रीवास्तव का पटना से तबादला हो गया है । कादंबनी में आराम करने के लिये उन्हें भेज दिया गया है । अक्कू जबतक पटना में रहें विवादो का उनके साथ गहरा नाता रहा । चाहे अपने मित्र के पिता की लिखी किताब को अमिताभ बच्चन के सामने पेश करके सदी के महानायक को छलना या फ़िर पटना में जंगल राज की बात उठाने के बाद नीतीश कुमार से क्षमा मांगने के लिये जहानाबाद की सभा में अपमानित होने से ले्कर कृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित समा्रोह में नीतीश को चेहरा दिखाने के लिये घटो प्रोग्राम को स्थगित करके रखना । लगता है पटना से जाने के बाद भी विवादों से अक्कू का पीछा नही छुटनेवाला । गत शनिवार को हुई घटना के बाद पत्रकार जगत में यह चर्चा जोरो पर है कि अक्कू के जाने के बाद खुलेंगे कई राज । शनिवार को हिंदुस्तान अखबार पटना के कार्यालय के सामने उसके दो कापी रायटर , मुख्य कापी रायटर गंगेश श्रीवास्तव तथा अवधेश पांडे की कुछ लोगों ने धुनाइ की । ऐसा बताया जाता है कि धुनाई करनेवालों में एक पुलिस का दारोगा भी था ।   चलिये...

अमिताभ से मिलने की चाह में दोस्त को छला पत्रकार श्रीकांत ने

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अपने पत्रकार मित्र को छलने वाला कोई साधारण पत्रकार नही है गांधी पर लेक्चर देने वाला, खुद की किताब कुत्ते का रचयिता हिंदुस्तान का पत्रकार हैं श्रीकांत, लेकिन अमिताभ के पटना आगमन पर , उनसे मिलने की जो छिछोरी हरकत की श्रीकांत ने कि अब उनका नाम लेते हीं पटना के युवा पत्रकार उनकी पुस्तक कुत्ते का नाम जोर से कुत्त्तेतेयेये कहकर उनका मजाक उडा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी; शर्म इनको मगर आती नहीं जरा इस तस्वीर को गौर से देखिए। यह बिहार के वही मुर्धन्य पत्रकार हैं जिसने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को भी छल दिया। हिन्दुस्तान पटना के संपादक अकु श्रीवास्तव, सेल्स हेड नटराजन और प्रबुद्ध माने जाने वाले पत्रकार श्रीकांत ने पटना आए अमिताभ बच्चन को कैसे छला इसकी कहानी ‘जनसत्ता एक्सप्रेस डाट कॉम’ और ‘बिहार मीडिया डॉट कॉम’ पर आ चुकी है। दूसरे की किताब और दूसरे का पत्र अमिताभ को देकर वाहवाही लुटने वाले श्रीका़ंत को इतनी भी शर्म नहीं आयी कि जब उनके द्वारा की गई जालसाजी और करतूतों को पूरा बिहार यहां तक कि अमिताभ बच्च्न भी जान गए तब उन्हें अमिताभ को अरविंद उज्जवल के पिता की किताब दिखाते अपनी तस्वीर ...

इस तरह पटना ‘हिन्दुस्तान’चुतिया बना रहा अपने पाठकों को

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लगातार हो रही है खबरें रिपीट: पटना से प्रकाशित होने वाले और खुद को बिहार में सबसे लोकप्रिय बताने वाले ‘हिन्दुस्तान’ को या तो खबरों का अकाल पड़ गया है या वह बिहार के पाठकों को चुतिया समझ लगातार वेवकूफ बना रहा है। नीचे दी गई तस्वीर सोमवार (25 जुलाई) को प्रकाशित कैमूर संस्करण अखबार का है। इस अखबार में प्रथम पृष्ठ पर ‘आक्सीजन खत्म, चार मरीजों की गई जान’ शीर्षक से मुजफ्फरपुर के एक सरकारी अस्पताल से संबंधित खबर छपी है। खबर भी रिपोर्टर की बाइलाइन है। आश्चर्य की बात तो यह है कि यही खबर इसी अखबार और इसी संस्करण के पृष्ठ संख्या 13 पर भी है जिसकस शीर्षक है ‘ऑक्सीजन खत्म चार रोगी मरे’ आश्चर्य की बात तो यह है कि एक ही दिन, एक ही खबर दो जगह छपी और दोनों में बाइलाइन है। ऐसा नहीं कि इस खबर का रिपीटेशन किसी एक संस्करण में हुआ हो। हिन्दुस्तान के उत्तर बिहार संस्करण में भी यही माजरा है। सनद रहे कि हिन्दुस्तान का पेज बनने के बाद उसे प्रोवेंशियल डेस्क इंचार्ज अवधेश प्रीत और इसके बाद संपादक भी देखते हैं पर किसी की नजर इतनी बड़ी भूल पर नहीं जाती अवधेश प्रीत ऐसे भी संपादक के करीबी और उन्हीं के स्वजातीय ह...

हिंदुस्तान पटना द्वारा सरकारी जमीन का अतिक्रमण

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हिंदुस्तान पटना द्वारा सरकारी जमीन का अतिक्रमण उच्च न्यायालय से लेकर प्रशासन तक बिहार में छोटे दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर रोज उजाड रहा है । बिहार के अखबार भी प्रशासन के इस कार्य की प्रशंसा में पेज का पेज रंग देते हैं लेकिन किसी अखबार की हिम्मत नही होती है एक बडे अखबार द्वारा किये गये अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ़ लिखने की परन्तु बिहार मीडिया आ्प को बता रहा है न सिर्फ़ बिहार बल्कि हिंदुस्तान के नामी अखबार, पटना से प्रकाशित दैनिक हिंदु्स्तान की कहानी है। कुछ साल पहले पटना के बुद्ध मार्ग में सरकारी जमीन पर एक बकरी बाजार हुआ करता था। पटना नगर निगम ने तब बकरी बाजार खत्म कर उस जमीन पर छोटे दुकानदारों के लिए सौ से अधिक छोटी-छोटी दुकान बनाने का फैसला लिया। जब जमीन की मापी की गई तो पता चला कि निगम की उस जमीन के कुछ अंश बगल में ही स्थित हिंदुस्तान समाचार पत्र के प्रबंधन ने हड़प रखे हैं, जब निगम ने कार्रवाई शुरु की तो हिंदुस्तान अखबार में हड़कंप मच गया और प्रबंधन ने उस अवैध कब्जे वाली जमीन को बचाने की कवायद शुरू कर दी। हिंदुस्तान अखबार के शातिर दिमाग एक पत्रकार ने हमेशा के लिये अवैध ...