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बियाडा घोटाला पर सरकार की लीपापोती

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बियाडा घोटाला पर सरकार की लीपापोती सुने घुस देनेवाले का बयान बियाडा घोटाला की जांच सीबीआई के बिना संभव नही बियाडा जमीन आवंटन घोटाला के संबंध में विपक्ष के हंगामे के बाद नीतीश कुमार ने प्रधान सचिव अनुप मुखर्जी को जांच का जिम्मा दिया था , सी के मिश्रा , बियाडा ने आज प्रेस कांफ़्रेस करके क्लीन चीट देते हुये कहा कि जमीन आवंटन में किसी प्रकार का घोटाला नही हुआ है औा आवंटन की सारी प्रक्रिया सही है । बिहार के गया जिले में भी बियाडा की तकरीबन ३१ एकड जमीन थी । जमीन गया – डोभी रोड पर स्थित है । जहां जमीन है , वहां जमीन डेढ करोड रुपए एकड की दर पर भी उपलब्ध नही है परन्तु उक्त जमीन मात्र ६ से दस लाख रुपए एकड के दर पे आवंटित की गई है । उक्त जमीन का आवंटन अगर विग्यापन निकालकर किया जाता तो बडी –बडी कंपनियां वहां अपना उध्योग लगाती और रोजगार के अवसर पैदा होते तथा जमीन की उचित किमत भी मिलती । उक्त ३१ एकड जमीन में से एक आदमी अवधेश कुमार को शिक्षण संस्थान खोलने के लिये चार कंपनियों के नाम पर पांच लाख चौवालिस हजार पांच सौ वर्गफ़िट जमीन का आवंटन कर दिया गया । बिहार में शिक्षा को उद्योग घोषित नही किया गया है । ...

जमीन घोटाले के खलनायकों में जी न्यूज के पत्रकार श्रीकांत प्रत्यूष भी

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खलनायक इसलिए नहीं कि उन्होंने पाटलिपुत्रा इडस्ट्रियल एरिया में बीस हजार स्क्वायर फीट जमीन का एलाटमेंट अपनी मीडिया कंपनी के नाम कराया. खलनायक इसलिए क्योंकि वह जी न्यूज जैसे एक बड़े न्यूज चैनल के बिहार के ब्यूरो चीफ हैं और पत्रकारिता करते हुए,न्यूज का काम देखते हुए उन्होंने सत्ता प्रतिष्ठान से इतना भारी भरकम लाभ उठाया. जमीन आवंटितो की लिस्ट श्रीकांत प्रत्यूष सन्मार्ग अखबार, बिहार की फ्रेंचाइजी भी लिए हुए हैं और इसका प्रकाशन पटना से करते हैं. वे जी न्यूज के लिए भी काम करते हैं. जाहिर है, जब एक पत्रकार एक बड़े टीवी न्यूज चैनल के एक राज्य का ब्यूरो चीफ हो और खुद एक अखबार का मालिक हो तो उसका रोल डबल हो जाता है. एक तरफ वह अपने न्यूज चैनल, जहां काम करता है, के लिए खरी-खरी खबरें खोजता है और दूसरी तरफ अपने अखबार के लिए रेवेन्यू तलाशता है. यह डबल गेम आधुनिक पत्रकारिता की ट्रेजडी है. श्रीकांत प्रत्यूष भले कहें कि वह दोनों भूमिकाओं में न्याय करते हैं लेकिन सही बात तो ये है कि वे कतई न्याय नहीं कर सकते. उनके झूठ का सबसे बड़ा उदाहरण नीतीश सरकार से इंडस्ट्रियल एरिया में लिया हुआ बीस हजार स्...