पैसे लेकर दलाल जैसी रिपोर्टिंग करता है प्रभात खबर का कंचन
नगर निगम के भ्रष्टाचार को बढावा दे रहा है कंचन दलाली के अनेको तौर तरीके हैं। रिझाना उन्हीं में से एक है । प्रभात खबर गया का ब्यूरो चीफ़ रह चुका है कंचन । कंचन की रिपोर्टिंग बहुत हीं अच्छी है , लिखने की शैली , शब्दों का चुनाव से लेकर तथ्यों का संकलन और समावेश तक । आप कह सकते हैं कि अगर किसी परफ़ेक्ट हसीना के सौंदर्य का वर्णन कंचन करे और नारी के समर्पण को कलम से साकार करे तो लगेगा जैसे साक्षात पतिव्रता सावित्री प्रभात खबर के पन्ने पर आकर खडी हो गई । लेकिन जब आप गैर से देखेंगे तो लगेगा अरे नही , यह तो वेश्या है जिसे सावित्री का आवरण पहनाया है कंचन नें। आजकल अखबारों में तो होड लगी हीं है शासन की रखैल बनने की , स्थानीय पत्रकारों के बीच भी होड है कि कौन कि्तनी तेजी के साथ पैंट उतार कर पिछे मुड सकता है । वैसे तो कडवे शब्द लिखने की आदत है , लेकिन जब कुछ इस तरह का घटित हो जिससे मेरी आत्मा ...