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हिन्दुस्तान’ पटना को नोटिस देगी पटना पुलिस

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प्रेम सिंह हिन्दुस्तान ’ पटना को नोटिस देगी पटना पुलिस जिस मामले ने राज्य के शासन और प्रशासन की नींदे हराम कर दी हैं उस मामले में पटना से प्रकाशित दैनिक ‘ हिन्दुस्तान ’ में छपी एक खबर से प्रशासन और पुलिस महकमा के साथ हिन्दुस्तान के पाठक भी अवाक हैं। पटना में दो दिनों के अंदर दो और उपरी पहुंच वाले शराब व्यवसायियों की हत्या की गुत्थी अभी पुलिस सुलझाने में जुटी ही है कि पटना से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान ने ऐसी खबर छापी की पाठक , पुलिस अधिकारी और इस मामले की जांच में लगे अधिकारी अवाक हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि वह खबर वैसे समय छापी गई जब पटना के विवादित संपादक को हटाकर यहां एक कर्मठ और सुयोग्य समझे जाने वाले संपादक के के उपाध्याय को लाया गया। सुशासन के दूसरे टर्म के सबसे बहुचर्चित साकेत गुप्ता हत्याकांड और उसके बाद साकेत की हत्या में नामजद प्रेम की हत्या मामले में हिन्दुस्तान , पटना में मंगलवार को यह खबर छपी कि ‘ पहले बोलेरो फिर बाइक पर बैठे थे प्रेम सिंह। ’ इस खबर में एक प्रत्यक्षदर्शी का हवाला जिसका नाम नहीं दिया गया है का हवाला दिया गया है और समाचार में कहा गया है कि वह प्र...

साकेत गुप्ता हत्याकांड ; गिरफ्तारी या हत्या के भय से सरेंडर कर सकते हैं नामजद

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·         गिरफ्तारी या हत्या के भय से सरेंडर कर सकते हैं नामजद ·          प्रेम का हश्र देख आरोपितों में छाया है भय ·          सभी आरोपितो ने बंद कर रखे हैं अपने मोबाइल ·          डीजीपी खुद रख रहें हैं पूरे मामले पर नजर ·          प्रतिदिन की जांच प्रगति का ले रहे जायजा अभ्यानंद ·          अपने सहयोगी के   भाई की हत्या से दुखी हैं पुलिस प्रमुख यह समाचार विनायक विजेता के फ़ेसबुक से ली गई है ( विनायक विजेता ; बिहार के वरीय पत्रकार एवं क्राईम रिपोर्टिंग के क्षेत्र स्थापित नाम ) पटना: शराब व्यवसायी साकेत गुप्ता की हत्या में आरोपित किए गए कथित शराब व्यवसायी और अन्य फरार अपराधी इस मामले में आरोपित प्रेम सिंह के हश्र को घ्यान में रख जल्द ही चुपके से न्यायालय में आत्मसमर्पण भी कर सकते हैं। फरार आरोपितो को जहां गिरफ्तारी पर पुलिस के ड...

साकेत-प्रेम हत्याकांड

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साकेत-प्रेम हत्याकांड ·          सम्पूर्ण प्रकरण का मास्टरमाइंड है प्रमोद यादव ·         साकेत की हत्या साजिश से अपरचित नहीं थे प्रेम ·         प्रमोद और प्रेम में थी गाढ़ी व्यवसायिक दोस्ती ·         साकेत के व्यवसायिक प्रतिद्वन्दी प्रेम भी थे पर्दे के पीछे ·         जल्द ही सामने आने वाला है सच , मुकेश महज मोह रा    यह रिपोर्ट विनायक विजेता के फ़ेसबुक से ली गई है , उनके फ़ेसबुक का लिंक है ( विनायक विजेता बिहार के वरीय पत्रकार  ;  क्राईम रिपोर्टिंग एवं खोजी पत्रकारिता में स्थापित नाम । बिहार के सभी  अखबारों के रिपोर्टर इनके आर्टिकल्स की नकल कर के तैयार करते हैं अपनी रिपोर्ट ) पटना: पहले शराब व्यवसायी साकेत गुप्ता की हत्या और उसके दो दिनों के बाद ही एक अन्य शराब व्यवसायी प्रेम सिंह की हत्या और इसके पीछे की साजिश का मास्टरमाइंड कोई दूसरा नहीं बल्कि...

अब याद आ रहे कुंदन कृष्णन

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अब याद आ रहे कुंदन कृष्णन स्पीडी ट्रायॅल से ज्यादा अधिकारियों का भय होना चाहिए अपराधियों में राजधानी में ऐसे गिने चुने ही हैं अधिकारी । पटना। राज्य के किसी हिस्से में अगर लाशें गिरती हैं तो उसका प्र भाव   उतना नहीं पड़ता जितना राजधानी में गिरने वाली लाशों का पड़ता है। सुशासन के दावों के बीच राजधानी में जिस तरह गैंगवार में लाशें गिरने का सिलसिला शुरु हुआ उसने यहां पूर्व में पदस्थापित और अपराधियों की नाकों का नकेल माने जाने वाले पूर्व एसएसपी कुदन कृष्णन की याद दिला दी। कुं दन कृष्णन के नाम की दहशत अपराधियों में थी और अपराधियों को हमेशा यह भय सताता था कि कहीं उनका ‘ गंगा ला भ ’ न करा दिया जाए। कुंदन कृष्णन के कार्यकाल में रहस्यमय ढंग से लापता हुए शातिर व कुख्यात अपराधी सुल्तान मियां सहित लग भग डेढ़ दर्जन अपराधियों का अबतक पता नहीं चल सका। कुंदन कृष्णन ने यह उदाहरण पेश किया कि अपराधियों में स्पीडी ट्रायल का खौफ कम किसी पुलिस अधिकारी का खौफ ज्यादा होना चाहिए। आज इसकी कमी बिहार और राजधानी पटना में है। कुद गिने चुने ऐसे अधिकारी हैं • भी   तो उन्हें शंटिंग  ...

साकेत हत्याकांड : प्रेम के मोबाइल पर लास्ट कॉल डिप्टी कलेक्टर का

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साकेत हत्याकांड : प्रेम के मोबाइल पर लास्ट कॉल डिप्टी कलेक्टर का                        कुमार मंगलम हैं प्रेम के साले छपरा में हैं पदस्थापित              घटना के दिन उन्होंने कई बार बात की अपने बहनाई से              वकील से मिलने के लिए निकले थे प्रेम!                          सुलझने के बजाए उलझती जा रही है गुत्थी ( लेखक विनायक विजेता पटना के वरीय पत्रकार हैं और अपराध मामलों से संबंधित खबर पर इनकी गहरी पकड़ मानी जाती है ) पटना। पहले साकेत गुप्ता और उसके दो दिनों बाद शराब व्यवसायी प्रेम सिंह की हत्या मामले की गुत्थी सुलझने के बजाए उलझती जा रही है। गौरतलब है कि बीते   7 मई की सुबह कुम्हरार पार्क के बाहर राज्य के डीजी सह पुल...

शराब सिंडीकेट की वर्चस्वता में अभी और लाशें गिरने की आशंका

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·         शराब सिंडीकेट की वर्चस्वता में अभी और लाशें गिरने की आशंका ·         प्रेम सिंह मामले में कहीं अपराधी से पुलिस का स्पाई बना दबंग तो नहीं शामिल ·         लोहानीपुर का चर्चित अपराधी रहा है यह स्पाई सह साकेत गुप्ता का रिश्तेदार          विनायक विजेता ( पटना के वरीय पत्रकार ) शराब व्यवसाय में अचानक बढ़ी प्रतिस्पर्धा और शराब माफिया सिंडीकेट के बीच शुरु हुई खुनी वर्चस्वता की जंग ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि साकेत और प्रेम के बाद अब किसकी बारी है। साकेत गुपता हत्याकांड में आरोपित प्रेम सिंह नामक एक बड़े शराब व्यवसायी की लाश कुम्हरार गुमटी के पास रेल ट्रैक पर मिलने से मामले की गुत्थी और उलझती नजर आ रही है। हालांकि अबतक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रेम सिंह की हत्या की गई या यह कोई दुर्घटना है पर पुलिस के अधिकारी भी दबी जुबान से इसे हत्या ही समझ रहें हैं। घटना के बाद घटनास्थल पर आए एफएसएल के विशेषज्ञों ने भी हत्या कहीं कर लाश को रे...

साकेत गुप्ता हत्याकांड: दर्ज प्राथमिकी में फंस सकते हैं पेंच

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साकेत गुप्ता हत्याकांड : दर्ज प्राथमिकी में फंस सकते हैं पेंच   पुलिसिया कार्यवाही   आई शक के दायरे में   साकेत की मां नहीं थी घटनास्थल पर   आखिर पुलिस के सामने क्या मजबूरी थी की मां को बनाया चश्मदीद घटना के वक्त साकेत की मां का घटनास्थल पर होने के कोई सबूत नहीं   पुलिस की गलती लाभ दिला सकती है ट्रायल के दौरान नामजद अभियुक्तों को   आलाधिकारियों द्वारा किसी मामले में सच्चाई और पारदर्शिता के दावे की खुली पोल   ऐसी प्राथमिकी पुलिस के लिए मजबूरी , अनुसंधान में आएगा सच: एसएसपी विनायक विजेता ( बिहार के वरीय पत्रकार ) डीजी सह पुलिस भवन निर्माण निगम के एमडी अशोक कुमार गुप्ता के ठेकेदार व शराब व्यवसरायी भाई साकेत कुमार गुप्ता की हत्या मामले में अगमकुआं थाने में दर्ज प्राथमिकी ही संदेह के घेरे में आ गई है। गौरतलब है कि साकेत गुप्ता की वृद्ध मां गीता देवी के फर्दबयान के आधार पर पुलिस ने गीता देवी को चश्मदीद बनाते हुए आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है जिस प्राथमिकी में गीता देवी ने कहा है कि वह अपने बेटे के सरथ कुम्हरा...

साकेत गुप्ता हत्याकांड

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साकेत गुप्ता हत्याकांड नाजायज शराब बिक्री विवाद में हुई हत्या! हत्या की सुपारी देने वाला मुकेश है जहानाबाद का निवासी मखदुमपुर थाना के मनहत्ता बिगहा में है मुकेश का घर शराब व्यवसाय से पटना में बनायी लाखों की संपत्ति पुलिस ने आईओसी स्थित आवास पर की छापेमारी , पाया गया फरार विनायक विजेता ( Senior Journalist of Bihar ) पटना: डीजी सह पुलिस  भवन निर्माण निगम के निदेशक ए के गुप्ता के शराब व्यवसायी भाई साकेत गुप्ता की हत्या नाजायज शराब बिक्री विवाद के कारण की गई। साकेत की हत्या की सुपारी देने वाले जहानाबाद निवासी मुकेश के बारे में की गई छानबीन के बाद यह निष्कर्ष सामने आ रहा है। मूल रुप से जहानाबाद के मखदुमपुर थाना अंतर्गत जमनगंज पंचायत के मनहत्ता बिगहा गांव का रहने वाला मुकेश राजद शासन काल से ही शराब व्यवसाय से जुड़ा है। मुकेश खुद तो बढ़ई जाति का है पर उसका संबंध शराब के जायज नाजायज कारोबार से जुड़े एक जाति विशेष के ऐसे सिंडीकेट के साथ है जिसका पटना में प्रभुत्व माना जाता है। की गई छानबीन में यह बात सामने आ रही है कि मुकेश और उसका सिंडीकेट राजधानी और ...

पत्रकारों ने डीजी को बना डाला एडीजी

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पत्रकारों ने डीजी को बना डाला एडीजी पत्रकारिता में निष्पक्षता की बात तो अब गुजरे जमाने की चीज हो गई है। जैसे राजनीति में ईमानदारी । हो सकता है आनेवाले दिनों में निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारो को अजायबघर या मानसिक आरोग्यशाला में रखने की व्यवस्था सरकार करे। लेकिन उससे भी ज्यादा गिरावट आई है  पत्रकारों की क्वालिटी में। पढने -लिखने से मतलब नही बन बैठे पत्रकार । वैसे दोष उनका भी नही है । अब हजार रुपया , चार हजार रुपया में मजदूर तो महीने भर काम करेगा नही तो एक पढा  लिखा पत्रकार क्या करेगा। कट पेस्ट ने गदहो को भी पत्रकार बना दिया है। आज सुबह पटना में डीजी अशोक कुमार गुप्ता के भाई साकेत गुप्ता की हत्या अपराधियों ने कर दी ।हत्या का कारण रंगदारी मांगना बताया गया है । साकेत गुप्ता ठिकेदारी का काम करते थें । डीजी अशोक गुप्ता पुलिस भवन निर्माण निगम के चेयरमैन  सह प्रबंध निदेशक हैं तथा इसी वर्ष 31  अक्टूबर को रिटायर्ड होनेवाले हैं ।  विगत साल २०११ में १९७७ बैच के तीन आइपीएस अधिकारियों को  डीजी के पद पर  प्रोन्न...