मैं हूं उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़...
मैं हूं उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़... धीरज भारद्वाज किसी ने मुझसे पूछा , " क्या आपको इंडिया टीवी के संपादक विनोद कापड़ी से कोई निजी दुश्मनी है जो आप उनके खिलाफ़ अपने पोर्टल ' मीडिया दरबार ' पर अभियान चला रहे हैं और अपने साथी पोर्टल ' मीडिया खबर ' के संचालक पुष्कर पुष्प को दोषी ठहरा रहे हैं ?" तो मैं आवाक रह गया। मैंने उन्हें फ़ौरन जवाब दिया कि अगर विनोद कापड़ी और यशवंत के बीच मुझे किसी को चुनना होगा तो मैं बेशक यशवंत को चुनुंगा क्योंकि मैं कोई चोरी करके ' ब्लैकमेल ' होने वाले की जगह ' ब्लैकमेलर ' बनने वाले को ज्यादा पसंद करता हूं , लेकिन इसके लिए पुष्कर , अविनाश या संजय तिवारी जैसे सहयोगियों को दोषी ठहराने की मूर्खता मैं नहीं करूंगा , वो भी ऐसे वक्त पर जब हम सबको एक होने की और भी अधिक जरूरत है। ' मीडिया दरबार ' एक ऐसा मंच था जिसे मैंने ही करीब साल भर की कड़ी मेहनत से खड़ा किया था। उसे मैंने राजस्थान के एक ' बेस्ट वेब डिज़ाइनर ' नामक फर्म से बनवाया था। उस डिज़ाइनर ने बड़ी ही चतुराई से इसे अपने नाम स...