कामवाली बन न जाये घरवाली
कामवाली बन सकती है सौत एक वेब पोर्टल है मधेपुरा टाइम्स , राकेश सिंह , रुद्र नारायन यादव और पंकज भारतीय इसका संचालन करते हैं । यह पोर्टल मधेपुरा के अलावा बिहार के अन्य भागों की भी जानकारी देता है । सुबह नेट पर मार्निंग वाक करते हुये मधेपुरा टाइम्स चला गया , वहां एक लेख था मधेपुरा में कामवाली यानी घर का चौका बरतन करनेवाली औरतों पर । आजकल इजी मनी का आसान रास्ता महिलाओं के लिये है अपने जमीर से समझौता करके आनंद भी लेना और पैसा भी कमाना । औरतों को घर की चारदिवारी के अंदर रखकर स्वंय जहां मौका मिला लाईन लगा देनेवाले पुरुषों के लिये यह लेख एक सबक है । सावधान हो जायें मर्द । यहां मधेपुरा टाइम्स के लेख को दे रहा हूं , आप पढें और बदलते जमाने में बदलता बिहार का आनंद उठायें। खास चिंता की जरुरत नही है , यह सामंती प्रवर् ति सदियों से चली आ रही है । कामवाली है तो उसका शरीर पर हमारा अधिकार है । मधेपुरा में सेक्स परोस रही कामवाली बाई अपसंस्कृति मधेपुरा जैसे छोटे शहर में भी अपना पाँव पसार रही है.जिला बनने के बाद स्वाभाविक तौर पर इसका विकास तेजी से होने लगा.सैंकडों कार्यालय खुले और शहर की...