मनमोहन को विदा करने का वक्त आ गया
दिवालिया देश ने विदेशियों को भेजा त्राहिमाम संदेश मैने पहले भी लिखा था , देश दिवालिया हो चुका है , सरकार इस बात को उजागर नही करना चाहती और न हीं भाजपा। इन दोनो दलों के अलावा अन्य किसी भी दल के पास अर्थ व्यवस्था की जानकारी रखने वाला नेता नही है । थोडी बहुत गंभीरता कारत पति पत्नी और अन्य वामपंथी दल दिखाते हैं लेकिन अफ़सोस उनके पास वह ग्यान नही है जो देश की वास्तविक हालात को समझ सके , कारण है , इनकी सोच , जैसे ही पूंजीवाद से संबंधित कोई चीज प्रकाशित होती है , ये उसे नकारते हुये , पढना भी गवांरा नही करते । मैने पहले भी लिखा था , देश दिवालिया हो चुका है और हमारी अर्थव्यवस्था विदेशी पूंजी पर टिक गई है । हमने ग्लोबलाइजेशन की शुरुआत में हीं अपनी कंपनियों को बेच दिया। बाद में विदेशी पूंजीनिवेश को न्यौता दिया। विदेशी पूंजी निवेश को दिर्घकालीन समझा । यह भी नहीं समझने का प्रयास किया कि क्या यह वाकई विदेशी पूंजीनिवेश है या कोई षडयंत्र । विदेशी पूंजीनिवेश का सच कुछ और है । हमारे हीं देश की कंपनिया विदेशी कंपनियों के माध्यम से पूंजीनिवेश करती है अपने फ़ायदे के ल...