केन्द्रीय विश्वविद्यालय का नीतीश ने किया विरोध


गया में केन्द्रीय विश्वविद्यालय का नीतीश ने किया विरोध

नीतीश कुमार का विकास विरोधी चेहरा

केन्द्र की सरकार ने बिहार के गया जिले में केन्द्रीय विश्व विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है । नीतीश कुमार इसका विरोध कर रहे हैं। नीतीश कुमार का कहना है कि गया में पहले से एक विश्व विद्यालय है इसलिये केन्द्रीय विश्व विद्यालय की स्थापना मोतिहारी में होनी चाहिये तथा सरकार इसके लिये मुफ़्त में जमीन उपलब्ध कराने के लिये तैयार है । नीतीश कुमार ने यह भी कहा है कि बिहार सरकार स्वंय सक्षम है विश्व विद्यालय की स्थापना करने के लिये और उसे किसी बा्हरी संसाधन या मदद की जरुरत नही है । केन्द्र सरकार अगर गया में स्थापित करना चाहती है तो दिक्कत क्या है ? जब बिहार सरकार सक्षम है अपनी बदौलत विश्व विद्यालय की स्थापना करने में तो नीतीश कुमार मोतिहारी में भी एक विश्व विद्यालय खोले और एक केन्द्रीय विश्व विद्यालय गया में भी स्थापित होनें दें । गया बिहार का एकमात्र जिला है जिसके पर्यटन व्यवसाय पर ध्यान दिया जाय तो पूरे बिहार की आय सिर्फ़ उससे प्राप्त हो सकती है । मालदीप जैसे मुल्क इसका उदाहरण है । गया के आसपास पहाड , नदी और हरा भरा क्षेत्र है , जिसे पर्यटक स्थल के रुप में विकसित किया जा सकता है । गया से मात्र १४ किलोमीतर दूर बोधगया है तथा गया हिंदु धर्मवालंबियों के लिये महत्वपूर्ण स्थान है । हर साल कम से कम पाच से दस लाख पर्यटक गया आते हैं । बिहार सरकार ने जो भी कार्य बोधगया में किया है वह मात्र स्थानीय जरुरतों को ध्यान में रखते हुये इस मंशा से कि गया बोधगया के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध होगा । हालांकि वह भी नही हो रहा है । नीतीश का विकास मात्र दिखावा है न तो कोई ठोस नीति है और न हीं विजन ।


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