श्रीमान यह एक हास्य था जिसमें शब्दों का प्रयोग भी भारत के संदर्भ में किया गया है । यानी भारत के रामदेव का कपाल भारती। वैसे आपको बुरा लगा हो तो क्षमा चाहता हूं और आपकी ईच्छा अगर मेरे गुरु बन कर वर्तना यानी स्पेलिंग सिखाने की है तो उसका भी स्वागत है बिना किसी दुर्भावना के। वैसे कलम नहि कम्पयूटर का उपयोग करता हूं लिखने के लिये ।
ज़हालत की हद है जनाब. इतना भी नहीं जानते कि "कपालभाति" प्राणायाम होता है "कपालभारती" नहीं? कलम पकड़ने का शऊर नहीं है चले आये हैं लेखक बनने.
ReplyDeleteश्रीमान यह एक हास्य था जिसमें शब्दों का प्रयोग भी भारत के संदर्भ में किया गया है । यानी भारत के रामदेव का कपाल भारती। वैसे आपको बुरा लगा हो तो क्षमा चाहता हूं और आपकी ईच्छा अगर मेरे गुरु बन कर वर्तना यानी स्पेलिंग सिखाने की है तो उसका भी स्वागत है बिना किसी दुर्भावना के। वैसे कलम नहि कम्पयूटर का उपयोग करता हूं लिखने के लिये ।
ReplyDeleteभाति शब्द लोहार की भाति से लिया हुआ है ।
ReplyDeleteIS TARAH KA MAJAK HINDU DHARM KE SATH HE KYON KIYA JATA HEIN
ReplyDeleteइस तरह का मजाक केवल हिन्दू प्रतीकों के लिए होता हैं और धर्मों का मजाक बनाने के हिम्मत नहीं हैं।
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