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सज धजकर जिस दिन मौत की शहज़ादी आएगी ,न सोना काम आएगा न चांदी आएगी

सच की आवाज : महात्मा गांधी ने कहा था चाहे सारी दुनिया तुम्हारे खिलाफ क्यो न हो जाये, तुम भले ही अकेले रह जाओ लेकिन हमेशा सच के साथ खड़ा रहना । even if you remain alone but stand with the truth . हम एक निर्धारित जीवन लेकर आते हैं, हालांकि जीवन का कोई उद्देश्य नही होता ,हम बस जन्म लेते है ,उम्र पूरी करते हैं, चले जाते हैं ,ठीक अन्य जीवों की तरह, लेकिन वॉयरस से उतपन्न तार्किक मस्तिष्क इंसान को अन्य जीवों से अलहदा करता है , इंसान एक उद्देश्य निर्धारित कर लेता है ,फिर सबसे बेहतर कौन सा उद्देश्य होना चाहिए ? शायद इस पृथ्वी को सुरक्षित बनाये रखना, और बेहतरीन बनाना, अन्य जीवों को उनके  अधिकार से वंचित न करना,आखिरकार यह पृथ्वी सिर्फ इंसानों की बपौती तो है नही ,इसपर निवास करने वाले सभी जीव,नदी,पहाड़,वृक्ष सबका समान अधिकार है, हमें उन्हें उनके अधिकार से वंचित करने का कोई हक नही है ,एक क्स्ष्उउडर याद रखे ,पद और पैसा यह बाह्य गुण हैं ,नैसर्गिक नही ,आपका अहंम आपका नाम है अन्यथा बिना नाम सब बराबर है ,कभी पद और पैसे को अभिमान का हिस्सा न बनने दें । "सजधज कर जिस दिन मौत की शहजादी आएगी न सोना काम ...

मोहन श्रीवास्तव के मुकदमो की हो सकती है दुबारा सुनवाई ,सजा होने के हैं पूरे आसार

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 मोहन श्रीवस्तव को हो सकती है जेल। गया नगर निगम के उप मेयर है मोहन। वैसे तो राजनीति मे अब अच्छे लोगो का मिलना मुश्किल हो गया है लेकिन कुछ लोग तो इस स्तर के है जिनके बारे मे सोचकर के भी आश्चर्य होता है कि कैसे ये जीत  कर  आते हैं ? कौन है  जो इन्हे वोट देता है ? इसी तरह के एक आदमी के बारे मे बता रहा हूं। वह ्है गया नगर निगम का उप मेयर मोहन श्रीवास्तव । इस आदमी ने निगम के गठन के बाद से आजतक कभी भी निगम को सुचारु रुप से नही चलने दिया। इसके चरित्र और क्रियाकलाप को समझने के लिये इसके जिवन के बारे मे जानना जरुरि है। एक सामान्य घर का कामचलाउ सिक्षा प्राप्त इस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक  जीवन की शुरुआत स्व० राजेश कुमार एम पी के यहां नौकर बनकर  की । बात बनाने मे माहिर मोहन धिरे धिरे राजेश कुमार का पीए बन गया । वेतन तो मिलता नही था , एम पी के लेटर पैड का इस्तेमाल रेलवे का टिकट बनवाने, किसी की पैरवी करने मे इसने शुरु किया। फ़र्जी काम का यह माहिर था। हस्ताक्षर भी फ़र्जी बनाता था। लेकिन राजेश कुमार तेज एम प...

कुछ यादें कालेज की

मदन सुनो बोलो वह तुमने लिखा हैं न ? उसे मिटा दो क्या झूठ मत बोलो मै झूठ नहीं बोलता चलो कहाँ क्लासरूम में पढो "" roll no. 110 I love you . मुझसे शादी करोगी ? "" पढा हाँ क्यों लिखा मैंने नहीं लिखा तुम झू...

ओल्ड एज

"The best Armour of Old Age is a well spent life preceding it; a Life employed in the Pursuit of useful Knowledge, in honourable Actions and the Practice of Virtue; in which he who labours to improve himself from his Youth, will in Age reap the happiest Fruits of them; not only because these never leave a Man, not even in the extremest Old Age; but because a Conscience bearing Witness that our Life was well-spent, together with the Remembrance of past good Actions, yields an unspeakable Comfort to the Soul" --Cicero

ISI Suspects denied legal aid

IS संदिग्‍धों के बचाव पक्ष के वकीलों को ‘मौत व घर जलाने की धमकी,Read Full Story http://m.jagran.com/news/will-kill-lawyers-who-defend-is-suspects-says-hindu-outfit-in-jamnagar-15610673.html Via Jagran App. Click to download https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindi.jagran.android.activity

नास्तिक सम्मेलन ,कुछ अनुत्तरित सवाल

नास्तिक सम्मेलन के संयोजक स्वामी बालेन्दु जी के नाम खुला प त्र : स्वामी जी अपने इस पत्र की शुरुआत मैं एक वर्ड आफ विजडम से करना चाहता हूँ । "",  Theist believe God  exist but the Atheist believe God doesn't exist ,on one point both  are unanimous that is that the faith in their believe . Lesson:  faith in believe is God " बालेन्दु जी सबकुछ खैरियत तो है ? इधर देखा कोई नास्तिक सम्मेलन आप कर रहे थे जिसमे वीएचपी,बजरंग दल वगैरह वालो ने बाधा पहुचाई और सम्मेलन रद्द करना पड़ा । मुझे तो पहचान ही रहे होंगे ? 2012 में जब आप सोशल मीडिया में पहचान बनाने का प्रयास कर रहे थे तब हम जुड़े थे ,याद आया ? आपके ब्लॉग/लेखों का अंग्रेजी से हिंदी में रूपांतरण का कार्य  भी किया था मैंने  , जिसका आभार आपने प्रकट किया था ,यह सब याद दिलाने का कारण मात्र यह है कि आप शांतिपूर्वक मेरे इस पत्र को पढकर तार्किक जवाब दे ।  स्वामी जी एकबात मैं नहीं समझ पाया यह नास्तिक सम्मेलन करने का औचित्य क्या था ? फन विद फ्रेंड तो ठीक है ,लेकिन इवेई फन विद एथिस्ट फ्रेंड का क्या मतलब हुआ ? स्वामी जी...

Dirty politics and vulturish progressive :

Dirty politics and vulturish progressive : Bansal is now a new weapon for people of self claimed progressive class to bring  a politician in dock . Bansal was not a gullible person . He was IAS , arrested in connection with a case of bribery . During search over the amount of 56 lakh in cash,jewellery and gold worth 87 lakh apart from documents for  the property of crores was seized . So this Billionaire Bansal is martyr for leaders of downtrodden class of society ,what an irony ! contention of controversy is two suicide notes ,one by the senior Bansal and second by his son . Earlier wife and daughter of Bansal had suicide on 19th July . Allegations of torturing to his wife and daughter by CBI official  has been levelled in his suicide note . So far involvement of a prominent politician is concerned ,it is limited to his reference on phone by a senior CBI official claiming to have patronage of that politician . what much surprising is the silence and inactiveness of Bans...