कुछ यादें कालेज की

मदन सुनो

बोलो

वह तुमने लिखा हैं न ? उसे मिटा दो

क्या

झूठ मत बोलो

मै झूठ नहीं बोलता

चलो

कहाँ

क्लासरूम में

पढो

"" roll no. 110 I love you . मुझसे शादी करोगी ? ""

पढा

हाँ

क्यों लिखा

मैंने नहीं लिखा

तुम झूठ बोल रहे हो

नहीं मै झूठ नहीं बोलता

**********-***********

इसको पढ़ लेना

क्या है

तुम पढ़ना न

नहीं तुम पढ़ कर सुनाओ

नहीं तुम रख लो पढ़ लेना

नहीं तुम सुनाओ

छोडो रहने दो
************

32 साल ! आज भी वही जवाब ।

""एक बार कर लो यकीं मेरा
सो न पायेंगे हम कब्र में सकून से ।""

Comments

  1. यार, आपकी ये छोटी-सी बातचीत सीधे स्कूल के दिनों में ले जाती है। आपने मासूम प्यार और जिद को बहुत सादगी से पकड़ा। “मैं झूठ नहीं बोलता” वाली लाइन बार-बार सुनकर मुस्कान खुद आ जाती है। 32 साल बाद भी वही जवाब याद रखना, यह बात दिल छू लेती है।

    ReplyDelete

Post a Comment

टिपण्णी के लिये धन्यवाद

Popular posts from this blog

भूमिहार :: पहचान की तलाश में भटकती हुई एक नस्ल ।

आलोकधन्वा की नज़र में मैं रंडी थी: आलोक धन्वा : एक कामलोलुप जनकवि भाग ३

origin and socio-economic study of kewat and Mehtar